Monday, November 24, 2008

पल पल इम्तहान लेती है जिंदगी

पल पल इम्तहान लेती है जिंदगी ,
रोज नए सदमे भी देती है जिंदगी ।
फ़िर भी हम जिंदगी से शिकवा करे कैसे ,
आप जैसे लोग भी तो देती है जिंदगी ।

पल पल इम्तहान लेती है जिंदगी ।


कभी हसाती हैं जिंदगी , कभी रुलाती है जिंदगी ,
धुप छाव के खेल भी दिखाती है जिंदगी।
ना जाने कितने रंग हैं तेरे ,
हर बार इक नई रंग दिखाती हैं जिंदगी ।

पल पल इम्तहान लेती है जिंदगी ।


नए दोस्त बनवाती है जिंदगी ,
दोस्तों से बिछड़वाती हैं जिंदगी ।
यहीं तक चैन नहीं आता इसे
उनके याद में रुलाती भी हैं जिंदगी ।

पल पल इम्तहान लेती है जिंदगी ।


होश में आओ तो गम का डर
नशे में रहो तो नशे उतरने का डर
ईक अहसान कर खुदा दफना दे मुझे
कि न रहे किसी की डर जिंदगी ।


पल पल इम्तहान लेती है जिंदगी ।

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