
तू नहीं तो क्या
तेरी यादे तो मेरे साथ हैं
मौनसून बीत गए तो क्या हुआ
मेरे आँखों में आज भी बरसात हैं
सुबह की शबनम से तो पूछो
उनके दिल की बात
दिखते है हमें चमकीले मोती
वो तो उनके बर्बादी की दास्ता है
हर पल , हर लम्हा
तेरे सजदे में सर झुकता हैं
क्या करोगे जब वो तेरे खुदा ही
मेरे से नाराज हैं
बंद हो जाएगी तेरी ऑंखें भी
मेरी तरह , किसी की चाहत में
ये दुआ तो नहीं
टूटे दिल की बिलखती जज्बात हैं
तेरी यादे तो मेरे साथ हैं
मौनसून बीत गए तो क्या हुआ
मेरे आँखों में आज भी बरसात हैं
सुबह की शबनम से तो पूछो
उनके दिल की बात
दिखते है हमें चमकीले मोती
वो तो उनके बर्बादी की दास्ता है
हर पल , हर लम्हा
तेरे सजदे में सर झुकता हैं
क्या करोगे जब वो तेरे खुदा ही
मेरे से नाराज हैं
बंद हो जाएगी तेरी ऑंखें भी
मेरी तरह , किसी की चाहत में
ये दुआ तो नहीं
टूटे दिल की बिलखती जज्बात हैं

