Monday, November 17, 2008

तन्हा दिल

टूटता हैं दिल किसी के प्यार में

ये दर्द भी कितना अजीब होता हैं

दीखते हैं लहू जब निकलते है हाथ से

नहीं दीखते आँसू जब दिल रोता हैं

होश में आना ही कौन चाहता हैं

ये मय ही अपना साथ छोड़ जाता हैं

खुश रहे तुम हरदम अपनी दुनिया में

ये तन्हा दिल बस यही दुआ माँगता हैं

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